Success Story of TUSHAR RAVAL Download
 


Name: TUSHAR RAVAL Place: AHMEDABAD
Recognition Level: Crown Business Start From: march 2003
Education: B.Com Team Size:
Past Work Profile: business- manufacturing electronics goods
Achievements: indica v2 and honda civic car, banglows, and luxurious 3 bhk flat in ahmedabad city.
Philosophy: “जिनके पास है पैसा,लोग पूछते हैं भाई तू है कैसा ? और जिसके पास नहींहै पैसा, उसे लोग कहते हैं ये तो है वैसे का वैसा |”
 
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SANTOSH KOLHATKAR01-19-2019 9:02:52 AM
Good morning sirji...💐💐💐EditDelete
ATUL GUPTA12-20-2018 3:19:49 PM
Thank you sir aamgaon me aapke sath rahne ka soubhagya prapt hua aur bahut kuch sikhne ka mauka mila apni galti kuch kuch jaan paya EditDelete
BALDEV PRASAD DESHMUKH12-20-2018 2:49:12 PM
Thank you sir for guru mantra and ewl systemEditDelete
 
Story
तुषार रावलजी अहमदाबाद के रहने वाले हैं पिता सरकारी Class – 1 ऑफिसर थे | इकलौतेबेटे होने से पढाई लिखाई अच्छे से हुयी लेकिन पिताजी को नौकरी करते देख कर पता चलाकी आदमी नौकरी कर जिन्दगी नहीं बदल सकता है | इसलिए B. Com. करने के बाद इन्होने पिताजीके विरोध करने के बाद भी अपनी खुद की स्टेब्लाईजर की फैक्ट्री डाल ली | उन्हें पताथा की बिजनेस करके ही अपना भविष्य खुबसूरत बनाया जा सकता है | तुषारजी अपनीफक्ट्री में दिन रात मेहनत करते हुए अपने बिजनेस को जीरो से लेकर 7 साल में एकअच्छे लेवल पर ले आये | लेकिन बिना किसी खुद की गलती के उनका बिजनेस गुजरात 2002के दंगों के कारण जीरो पर गया | इनकम जीरो हो गयी | उस दिन तुषारजी ने फैसला कियाकी अब कोइ ऐसा काम करना है जिसमें ना तो कोइ रिस्क हो ना ही कोइ इन्वेस्टमेंट हो |
 
तुषारजी का लक्ष्य था आसमान की बुलंदियों को छूना अपने खानदान में अपने माँबाप का नाम एक सफल व्यक्ति बन कर रोशन करना और ऐसा कुछ करना की उनकी आने वाली पीढ़ियोंमें किसी को नौकरी ना करनी पड़े | जो सपने उनके पिताजी नौकरी करके पुरे नहीं कर पायेउन्हें वो पूरा कर सकें इसके लिए उन्हें तलाश थी एक रास्ते की |
 
जो तलाश 2002 में पुरी हुयी एक अनजान व्यक्ति के माध्यम से जिसने उन्हेंसिक्योर्लाईफ़ के बिषय में बताया और इस बिजनेस के बारे में समझाया | तुषारजी नेमार्च 2003 WSS की शुरुवात की और अगस्त 2005 में डायमंडशिप हासिल की | गुजरातीहोने के कारण तुषारजी इस अवसर को अतिशीघ्र समझ गए | इन्हें लगा इनकी तलाश आखिर रंगलाई और उन्हें उनकी पसंद का अवसर और मनचाहा बिजनेस मिल गया | तुषारजी इस प्रोजेक्टमें जी जान से लग गए की जब 40 साल का पैसा 4 साल में कमाया जा सकता है तो फिर कोइऔर काम क्यों करना ? तुषारजी अपनी अपार मेहनत से बहुत जल्द बुलंदियों पर पहुँचनेलगे और गुजरात में नेटवर्क मार्केटिंग का दूसरा नाम बन गया “तुषार रावल”
 
तुषारजी ने अपनी जी तोड़ मेहनत से एक अटूट नेटवर्क तैयार किया और तुषारजीडायमंड मेकर कहलाने लगे | तुषारजी के नेटवर्क में आज ढेरों डायमंड हैं और तुषारजीसफलतापूर्वक लोगों को अपनी तरह आम जिन्दगी से ख़ास जिन्दगी में बदलने के रास्ते मेंमार्गदर्शन करते हैं |


तुषारजी कहते हैं :-
 
“जिनके पास है पैसा,लोग पूछते हैं भाई तू है कैसा ?
और जिसके पास नहींहै पैसा, उसे लोग कहते हैं ये तो है वैसे का वैसा |”
 
Timeline Photos
 
 
 
 
  
 
 
Timeline Video
 




































 
Achievements
 
  
TUSHAR RAVAL from AHMEDABAD, Crown
HONDA CIVIC TOP MODEL 18 LAKH

Update Achievement
  
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
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