Kahani Sangrah-Articles
 
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Always be positive

सपने कौन नहीं देखता ?

अगर मेंढक को गर्मा गर्म उबलते पानी में डाल दें तो

ज़िन्दगी खुद को खोजने के बारे में नहीं है. ज़िन्दगी खुद को बनाने के बारे में है.

सफलता विना बाधाओं के नहीं मिलती

जो ताउम्र सीखते हैं वही बुलंदियों पर पहुँचते हैं...

क्योंकि हर सफलता कई असफलताओं के बाद ही मिलती है...

लम्बा कूदना है तो पीछे हटने से मत डरिये

सफलता के 5 कदम

दीमक और घुन केवल लकड़ी और गेहू में ही नहीं बल्कि जिन्दा आदमी में भी लग सकते है

हिम्मत एक प्रवेशद्वार है

चेतना के स्तर

जीवन में सफलता-असफलता, हानि-लाभ, जय-पराजय के अवसर मौसम के समान है

हँसने के पाँच फायदे

परिवर्तन स्वीकार करने का क्रम

परिवर्तन का विरोध सदियों से होता रहा है, किन्तु परिवर्तन को रोका नहीं जा सकता

पैसिव इनकम (Passive Income) के ज़रिये कमाएं पैसे

5 चीजें जो आपको नहीं करनी चाहिए और क्यों

Focus करता क्या है

कहीं आपकी डिग्री आपके सपने तो नहीं तोड़ रही

Goal Setting: S.M.A.R.T होना चाहिए आपका "लक्ष्य"

करोड़पति बनना है तो नौकरी छोडिये...

हँसना हम सभी के लिये अति महत्वपूर्ण है

पैसिव इनकम (Passive Income) के ज़रिये कमाएं पैसे
 
 
पैसिव इनकम (Passive Income) के ज़रिये कमाएं पैसे
आपका पैसे कमाने को लेकर मानसिकता कैसा है ? पैसे कमाने को लेकर मानसिकता से मेरा मतलब आपकी पैसा कमाने की सोच से है.

आगे बढ़ने से पहले मैं चाहता हूँ कि आप इस विषय पर थोड़ा सा सोचें, आप सोचें कि लाइफ में आप किस तरह से नकदी प्रवाह (cash inflow) देखना चाहते हैं, मेरा मतलब आपकी कमाई का मुख्य जरिया क्या होने वाला है.

क्या सोचा आपने ?... मै शर्त लगा सकता हूँ की अधिक्तर लोगों ने नौकरी या ब्यवसाय के जरिये पैसा कमाने का सोचा होगा, हो सकता है कुछ लोगों ने दोनों तरीकों से पैसा कमाने के बारे में सोचा हो. आपने जो भी सोचा हो पर हर किसी की सोच में शायद एक चीज समान होगी. “मुझे पैसा कमाने के लिए कुछ काम करना होगा।”

पर आज मैं आपसे एक नए तरीके के बारे में बात करना चाहता हूँ. “बिना काम किये पैसा कमाना !” शायद सुनने में अजीब लग रहा हो पर क्यों न हम बिना काम किये पैसा कमाने के बारे में सोचें. एक्टिव इनकम के मानसिकता को बदल कर पैसिव इनकम के बारे में सोचें.

क्या है पैसिव इनकम – पैसिव इनकम का मतलब है इस तरह की आय जिसमे आपको सक्रिय रूप से शामिल नहीं होना पड़ता. उदाहरण के तौर पर मकान या दुकान के किराए से आने वाली आय, आपके बैंक डिपाजिट से मिलने वाला ब्याज, शेयर से आने वाला डिविडेंड या फिर आपके किसी बिज़नेस से आने वाली इनकम जिसे आपके द्वारा लाये और सिखाये गये लोग सँभालते हों, जिसकी शुरुआत आपने की हो लेकिन जो आपका मोहताज ना हो.

मैं पैसिव इनकम को एक ऐसी आय के रूप में देखता हूँ जो आपको सक्रिय (active) रख सके. उन चीजों में सक्रिय रख सके जिसमे आप सक्रिय रहना चाहते हैं. यानि आप सिर्फ तभी काम करें और वही काम करें जो सच में करना चाहते हैं. अपने बच्चे के वार्षिक उत्सव (annual function) में जाना चाहते हैं तो जा सकें, माता-पिता को तीर्थ पे ले जाना चाहते हैं तो ले जा सकें, घर बैठ कर मैच देखना चाहते हैं तो देख सकें. आपको छुट्टी के लिए न अपने बॉस पर निर्भर रहना पड़े और ना ही ग्राहक (customer) की दया पर.

पैसिव इनकम से मेरा मतलब हर महीने 4-5 हज़ार रुपये के अतिरिक्त आय से नहीं है, मैं इसे आपके मुख्य आय की तरह देखता हूँ. ये महीने के 1,00,000 से 8,00,000 रुपये महीने भी हो सकती है. लेकिन ये इतनी कम नहीं हो सकती कि आपको स्कूल फंक्शन में जाने से, तीर्थ पे ले जाने से और मैच देखने से रोक सके. वास्तव में अगर लाइफ में अधिक पैसा कमाना है तो passive income के बारे में ज़रूर सोचना चाहिए.

कहाँ से लाएं पैसिव इनकम ? एक्टिव कहाँ से ला रहे हैं ? दोस्तों, आज आप एक्टिव इनकम इसलिए कमा पा रहे हैं क्योंकि आपने इस बारे में सोचा है, एक बार दो बार नहीं बल्कि सैकड़ों हज़ारों बार. ये पढ़ाई कर लें तो ऐसी जॉब मिलेगी, पी ओ निकाल लें तो बैंक मेनेजर बन सकते हैं, इंटर नेट कैफ़े खोल दें तो अच्छा चल जायेगा, व्होलसेलर बन जाएं तो काफी फायदा होगा. इसमे कोई शक नहीं कि आज आप जो भी कर रहे हैं वो आपके पहले की सोच का परिणाम है. आज आप किसी नौकरी या ब्यवसाय से पैसा इसलिए कमा रहे हैं क्योंकि आपने इसी तरीके से कमाने के बारे में सोचा था, और आपने ऐसा शायद इसलिए सोचा था क्योंकि हम बचपन से अपने माँ-बाप, नाते-रिश्तेदारों सभी को इसी तरह से ज़िन्दगी जीते देखते हैं. काम करो, पैसा कमाओ... काम करो, पैसा कमाओ और हमारे दिमाग में कभी आता ही नहीं कि कोई ऐसा काम करो की कुछ साल करने के बाद पूरी जिंदगी घर बैठे पैसा कमाओ और उस पैसे को ऐसे लगाओ कि वो इतना पैसा कमाए कि हमें मजबूरी में काम ना करना पड़े. तो क्या अगर हमारे बाप-दादा साठ में रिटायर हुए. क्यों न हम इसके बारे में अभी से सोचें, साठ की बजाये तीस में ही रिटायर हो जाएं, और बाकी की ज़िन्दगी बिना पैसों की चिंता करते हुए जीयें.

दोस्तों, अंत में मैं ये जरुर क्लियर करना चाहूँगा कि पैसिव इनकम की मानसिकता की सोच के बारे में बता कर मैं आपको काम से भागने या उसे ना करने का विचार नहीं देना चाहता, मैं बस आपको एक ऐसी स्थिति में पहुँचने के लिए प्रेरित (inspire) करना चाहता हूँ जहाँ आप बस वो करें जो करना चाहते हैं, और जब आप ऐसा करने में कामयाब हो जायेंगे तब आप अपने, अपने परिवार और इस समाज के लिए कहीं ज्यादा उपयोगी साबित हो पायेंगे. आज सिक्योर लाइफ बिजनेस से हजारो ऐसे लोग हैं जो घर बैठे महीने के लाखों रुपये कमा रहे हैं और कमाये हुए पैसो से भी महीने के लाखों कमा रहे हैं...
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Posted on :5/27/2018 9:15:18 PM
   
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